
देख किसी के रस्ते की दिवार कभी न होना. जब तक जागे तेरा पड़ोसी तब तक तू न सोना. लेकिन लगता है ये कि बाते अब किताबी भी नही रही. हम तैयार है हर तरह की लड़ाई लड़ने के लिए. फिर चाहे वो ज़मीनी लड़ाई हो, आसामान में हो अंतरिक्ष में है बायलौजिकल हो कैमिकल हो कंम्प्यूटर वार हो हम तैयार है. ये बात छोटे से छोटा देश कह सकता है और जो नही कह सकता उसे कमज़ोर माना जाता है और वो देश भी दौड़ पड़ता है इस अंधी दौड़ में. एक नज़र डालते है किस के पास क्या है सबसे पहले दो शक्तियों की बात करते है रशिया के पास 16,000 से ज़्यादा परमाणु हथियार मौजूद है. अमेरिका के पास 10,300 से ज़्यादा, चीन के पास 410 से ज़्यादा फ्रास के पास 350 और ब्रिटेन के पास करीब 200. अब आप चौंकेगें एक ऐसे देश के परमाणु हथियार को सुनकर जो हमेशा अपने आस्तित्व की लड़ाई लड़ता आया है और सबसे छोटे देशों में से एक है इज़राईल उसके पास भी करीब 100 से लेकर 170 हथियार मौजूद है अब बात भारत और पाकिस्तान की भारत के पास ये तादाद 75 से 110 है और पाकिस्तान के पास ये तादाद 50 से 100 के करीब मौजूद है. इनमें कई इतघातक है कि एक एक हथियार से कई कई बार धरती को खत्म किया जा सकता है. ये लेख ड़राने के लिए नही बल्कि सच्चाई से रूबरू कराने की एक कोशिश है. जब पाकिस्तान कोई भी परीक्षण करता है तो उसकी मारक क्षमता भारत पर मापी जाती है दिल्ली मुम्बई इसकी चपेट में आ सकते है भारत कोई परीक्षण करता है तो लाहौर करांची तक इसकी मार हो सकती है सभी देशों का यही हाल है और शायद ऐसा इसलिए क्योंकि एक तो हमने ये हथियार बना लिया है और दूसरा हम तुम्हे इसके बल पर आंख भी दिखा रहे है. पाकिस्तान की तरफ से ये ब्यान आता है हम सालों साल घांस खाएंगें लेकिन हथियार और बम बनाएंगें. एक नज़र डालिए सैनिकों की तादाद पर चीन के पास कुल मिलाकर जल थल और वायु सैनिकों की तादाद करीब 2 करोड़ 25 लाख से ज़्यादा....अमेरिका की बात करें तो 1 करोड़ 50 लाख के करीब सैनिक मौजूद है.....भारत के पास ये तादाद करीब 1 करोड़ 32 लाख से ज़्यादा है....नार्थ कोरिया और रशिया के पास एक एक करोड़ से ज़्यादा सैनिक मौजूद है. पूरी दुनियां में ऐसा कोई देश नही जंहा के सभी बाशिदे भर पेट सोते होकिन आज पेट की आग बुझे न बुझे लेकिन गु्स्से की आग को बुझाने के सभी इंतज़ाम करते जा रहे है.....हम तैयार है तबाही के लिए ज़मीन की आकाश की अंतरिक्ष की चांद की ग्रहों की.....हम सबसे ताकतवर हो गए है. इस दुनियां को ऐसा तबाह कर सकते है कि फिर कंही जीवन संभव ही न हो सके. और हां एक बात और अगर कोई हमें तबाह करने की सोचेगा तो हम तो डूबेंगें ही सनम तुमको भी साथ लेकर डूबेंगे.....अमेरिका की आर्थिक मंदी अपने चरम पर पुहंचेंगी... रशिया को विश्व शक्ति माना जाए या नही इस पर बहस जारी है....पाकिस्तान के परमाणु हथियार अगर आतंकियों के हत्थे चढ़ गए तो क्या.....अरब इज़राईल का गुस्सा कंहा जाकर थमेगा कोई नही बता सकता.....कब बुझेगी ये आग..... अफगानिस्तान के सौ सौ रूपये के टैंटों को आतंकी कैंप समझ कर उनपर सौ सौ करोड़ रूपये के बम गिराना अमेरिका को कितना भारी पड़ा ये वंहा का प्रशासन जानता है.....अपनी सुरक्षा बेहद अहम होती है लेकिन उसके लिए हथियारों की अंधी दौड़ में दौड़ जाना अकलमंदी तो नही... कहा जा सकता है हम तैयार है अपनी और दूसरों की तबाही के लिए.......
1 टिप्पणी:
हाँ, सब तैयार हैं अपनी और दूसरों की तबाही के लिए. पर यह सब किस लिए? क्या हासिल होगा हमें इस सबसे? मौत अगर अंजाम है तब यह सब तो एक परले दर्जे की बेबकूफी हुई. ईश्वर ने हमें जिन्दगी जीने के लिए दी है. पर सब जुटे हैं उसे जल्दी से ख़त्म करने में.
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