आप का जल्द निपटना ज़रूरी
जी हां आप का यानी आप का नही आम आदमी पार्टी का जल्द निपटना ज़रूरी हो गया है...क्योंकि जितनी देर लगेगी इनको निपटने में उतनी दिक्कत हो जाएगी नरेंद्र मोदी की राह में....कांग्रेस तो दिल्ली समेत चार राज्यों में हार के बाद ये मान बैठी है कि अब खेल खत्म समझों अब चाहे राहुल आ जाए चाहे प्रियंका या सरदार जी या माता जी या कोई भी आ जाए उसका खेल फिल्हाल के लिए तो खत्म ही समझों...तो क्या राजनीति के धुरंधरों से भरी ये पार्टी ने ऩई तरकीब अपनाई है सत्ता में बने रहने की....आप क्या वाक्ई कांग्रेस की बी पार्टी है.....क्योंकि भले ही कांग्रेस सभी राज्यों में चुनाव हार गई हो लेकिन आम आदमी पार्टी जीती और कांग्रेस उसके दम में सत्ता में शामिल हो गई....अगर आम आदमी पार्टी न होती तो बीजेपी की सरकार दिल्ली में भी बनना तय था और ऐसे में कांग्रेस के लिए ज़्यादा दिक्क्त भरा सफर होता...लेकिन जिस तरीके से आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने मिली जुली सरकार बना ली.....उससे कंही न कंही ये ज़रूर लगने लगा है कि आप को सत्ता सुख को पाने के लिए किसी के साथ और किसी के भी हाथ से कोई परहेज़ नही है.....क्या आप अगर चुनावों से पहले जनता को जानकारी दे देती तो वो वक्त आने पर कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना लेगी तो क्या दिलली की जनता चुनावों में आम आदमी पार्टी को इतनी सीटे जिताती.....शायद क्या पक्का नही....अरविंद केजरीवाल ने शीला दीक्षित को संदीप दिक्षित को जितना गरियाया....जितनी भदद् केंद्र सरकार उसके मंत्रियों और खुद प्रधानमंत्री की आप ने चुनावों से पहले पीटी उतनी किसी ने नही पिटी...शायद यही वजह थी कि दिल्ली की मुख्यमंत्री को सीधे चुनौती दी और तमाम आरोप लगाए कि शीला भ्रष्ट है....चोर है बेईमान है....जेल में डालेंगें....यही नारे होते थे अरविंद के.....लेकिन अब कहां गए वो नारे वो दावे जिनके दम पर एक नौसिखिए को जनता ने करीब एक दशक तक राज करने वाली शीला दीक्षित को हरा दिया....क्या ये अरविंद का करिशमा था....अगर आप ऐसा सोचते है तो शायद नही पक्का गलत सोच रहे है......ये करिशमा था दिल्ली की जनता का....जिसने सोचा आप को वोट देकर वो कांग्रेस और उसके भ्रष्ट मंत्रियों के खिलाफ शिकंजा कस सकते है....लेकिन बदले में क्या मिला.....धोखा...एक महिना हो गया अब मुख्यमंत्री जी कांग्रेस के मंत्रियों के खिलाफ बोलना तो दूर बल्कि कपिल सिब्बल समेत कई कांग्रेसी नेताओं के गले मिल रहे है.... कल तक जिनको जेल पहुंचाने की बात हो रही थी...अब उनके खिलाफ क्यों मुख्यमंत्री जी की ज़ुबान पर ताले जड गए क्यों कोई भी मंत्री या आप का नेता कांग्रेस के खिलाफ एक लव्ज़ भी नही बोलता...क्या अंदरखाने कांग्रेस से सैटिंग हो गई या फिर ये सैटिंग पहले से ही थी...अगर ऐसा है तो क्या बिन्नी ने जो आरोप लगाए वो निराधार है....और आप में अभी और कितने बिन्नी मौजूद है.....क्या अरविंद केजरीवाल सत्ता के लालाच में आकर कथनी और करनी में फर्क करना भूल गए.....मुख्यमंत्री जी जो कहा वो करिए नही तो जनता के सामने जाने से पहले दो नही चार पांच बार सोच लेना.....यही नही जनता को भी ये सोचने को भी मजबूर ज़रूर कर दिया कि जिस जनता ने आपको दिल्ली में वोट देकर कांग्रेस को सत्ता से दूर रखने की कोशिश की आप उसी की गोद में जाकर बैठ गए....अब क्या भरोसा कि केंद्र में भी यूपीए को सत्ता से बेदख्ल करने के लिए आप को वोट दे दिया और जाकर आप सोनियां जी को समर्थन दे बैठे तो जनता क्या करेगी